बढ़ते संविदाकरण के संदर्भ में आसानी से बर्खास्त किए जाने (Easily Dismissed) की समस्या
बढ़ते संविदाकरण के संदर्भ में आसानी से बर्खास्त किए जाने (Easily Dismissed) की समस्या एक प्रमुख चिंता के रूप में उभरी है, जो श्रमिकों के अधिकारों और नौकरी की सुरक्षा पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालती है। बढ़ते संविदाकरण का संदर्भ: भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद से, श्रम लागत को नियंत्रित करने और बाजार की मांगों को पूरा करने के लिए कंपनियां, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSEs) भी, संविदा पर कर्मचारियों को नियुक्त करने लगी हैं। गिग इकोनॉमी के उदय के साथ यह प्रवृत्ति और भी बढ़ गई है, जिससे अस्थायी रोजगार व्यवस्थाओं में वृद्धि हुई है। हालांकि, यह मॉडल नियोक्ताओं को लचीलापन प्रदान करता है, लेकिन इसके साथ ही नौकरी की सुरक्षा की कमी, लाभों से वंचित रहना और श्रमिकों के साथ अनुचित व्यवहार जैसी समस्याएं भी आती हैं। आसानी से बर्खास्त किए जाने की स्थिति: मनमानी बर्खास्तगी और नौकरी की असुरक्षा: संविदा कर्मचारियों को अक्सर बिना किसी कारण या पूर्व सूचना के बर्खास्त कर दिया जाता है । इस प्रथा से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होता है और श्रमिकों को निरंतर असुरक्षा की ...